रिश्ता पक्का होने में हो रही है देरी या तलाक की आ गयी है नौबत, कार्तिक पूर्णिमा पर इस एक उपाय से होगा समाधान

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पीपल
के
पत्तों
पर
दीपदान

कार्तिक
माह
बहुत
ही
शुभ
माह
माना
जाता
है।
ये
महीना
भगवान
विष्णु
और
माता
लक्ष्मी
को
समर्पित
है।
इनका
आशीर्वाद
मिलने
से
सभी
मनोरथ
पूरे
हो
जाते
हैं।
यदि
शादी
विवाह
में
देरी
हो
रही
है
तो
भगवान
विष्णु
और
माता
लक्ष्मी
की
आराधना
करें।
कई
जातकों
की
कुंडली
में
पितृ
दोष
अथवा
ग्रहण
दोष
होने
की
वजह
से
शादी-विवाह
में
रुकावटों
का
सामना
करना
पड़ता
है।
यदि
आप
भी
ऐसी
समस्या
का
सामना
कर
रहे
हैं
तो
आपको
कार्तिक
माह
में
रोजाना
शाम
के
समय
किसी
नदी
या
तालाब
में
पीपल
के
पत्तों
पर
बत्ती
पर
दीपदान
करने
से
लाभ
होगा।

देवी त्रिपुरसुंदरी का ध्यान करें

देवी
त्रिपुरसुंदरी
का
ध्यान
करें

यदि
आपके
वैवाहिक
जीवन
में
खटपट
चल
रही
है
और
कलह
की
वजह
से
रिश्ता
टूटने
तक
की
नौबत

रही
है
तो
आपको
कार्तिक
महीने
में
देवी
त्रिपुरसुंदरी
का
ध्यान
और
पूजन
करना
चाहिए।
इसके
अतिरिक्त
देवी
त्रिपुरसुंदरी
के
जप
से
उन
जातकों
को
भी
लाभ
मिलता
है
जिनके
विवाह
की
बात
बनते-बनते
बिगड़
जाती
है।
कार्तिक
महीने
में
सच्चे
मन
से
देवी
मां
का
नाम
लेने
से
सभी
रुकावटें
दूर
होती
हैं।

तुलसी एवं पीपल के पेड़ की करें पूजा

तुलसी
एवं
पीपल
के
पेड़
की
करें
पूजा

कार्तिक
पूर्णिमा
के
दिन
सुबह
एवं
शाम
को
तुलसी
मां
की
पूजा
करके
उनके
पास
दिया
जलाना
चाहिए।
इसके
साथ
ही
पीपल
के
पेड़
के
पास
भी
विशेष
रूप
से
पूजा
कर
दिए
जलाना
चाहिए।
साथ
ही
पीपल
की
जड़ों
में
मीठा
जल
डालना
चाहिए।
इन
दोनों
पेड़ों
की
पूजा
से
लक्ष्मी
माता
प्रसन्न
होती
हैं।

लक्ष्मी के प्रवेश के लिए लगाएं तोरन

लक्ष्मी
के
प्रवेश
के
लिए
लगाएं
तोरन

कार्तिक
पूर्णिमा
के
शुभ
अवसर
पर
घर
के
द्वार
पर
आम
के
पत्तों
का
तोरन
अवश्य
लगाएं।
साथ
ही
द्वार
पर
हल्दी
के
घोल
से
सुंदर
स्वास्तिक
बनाएं।
इससे
आपके
घर
लक्ष्मी
जी
का
प्रवेश
होगा।

स्नान एवं दान

स्नान
एवं
दान

कार्तिक
पूर्णिमा
के
दिन
गंगा
में
कुशा
स्नान
करके,
नये
वस्त्र
पहन
कर
वस्त्र
या
भोजन
दान
अवश्य
करें।
ऐसे
करने
से
घर
में
सौभाग्य
की
प्राप्ति
होगी।

दीपदान

दीपदान

कार्तिक
पूर्णिमा
के
दिन
गंगा
घाट
या
किसी
अन्य
घाट
में
दीप
दान
अवश्य
करें।
इसके
साथ
ही
देव
दीपावली
के
अवसर
पर
गंगा
या
किसी
अन्य
जल
स्रोत
में
दीप
जलाएं।
यदि
ऐसा
संभव
ना
हो
तो
घर
की
उत्तर,
पूर्व
या
उत्तर
पूर्व
दिशा
अर्थात्
ईशाण
कोण
में
घी
का
दिया
जलाना
चाहिए।
इससे
घर
में
सम्पन्नता
एवं
सुख
की
प्राप्ति
होती
है।

शिवलिंग की विशेष पूजा

शिवलिंग
की
विशेष
पूजा

कार्तिक
पूर्णिमा
को
त्रिपुरारी
पूर्णिमा
भी
कहा
जाता
है
क्योंकि
इस
दिन
भगवान
शिव
ने
त्रिपुरासुर
का
वध
किया
था।
इस
दिन
भगवान्
शिव
की
भी
पूजा
करने
का
अच्छा
फल
मिलता
है।
शिवलिंग
पर
दूध,
दही,
घी,
शहद
और
गंगा
जल
का
पंचामृत
चढ़ाने
से
भगवान
शिव
प्रसन्न
होते
हैं
एवं
भक्तों
पर
विशेष
कृपा
करते
हैं।





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