Chanakya Niti – अपने संबंधों को मज़बूत रखने के लिए ध्यान में रखें ये बात

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Chanakya Niti – झूठ और छल से बनाएं गए रिश्तें ज्यादा दिन तक नहीं टिकते हैं। जो रिश्ते प्रेम और विश्वास की नींव पर बने होते हैं वही लम्बे चलते हैं।

Chanakya Niti – चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को सफल होने के लिए परिवार, दोस्तों और अच्छे संबंधों की अहम भूमिका होती है। फिर चाहें वो व्यापारिक संबंध हो या फिर निजी। जिस किसी के पास अच्छे रिश्ते होते हैं, वह हर प्रकार की परिस्थितियों से लड़ सकता है। व्यक्ति के लिए अच्छे रिश्ते जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए कभी भी अच्छे लोगों के साथ अपने रिश्तों को नहीं तोड़ना चाहिए और न ही कमजोर होने देना चाहिए। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके रिश्ते अच्छे रहें, जिसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए। नीति शास्त्र में रिश्तों को लेकर भी आवश्यक बातें बताई गई हैं जिसे यदि व्यक्ति ध्यान में रखता है तो उसके संबंध मजबूत बने रहते हैं।

रिश्तों में रखें प्रेम और विश्वास

कोई भी व्यक्ति हमेशा सबका प्रिय नहीं रह सकता, लेकिन ऐसा करने के लिए व्यक्ति को छल-कपट का सहारा नहीं लेना चाहिए। झूठ और छल से बनाएं गए रिश्तें ज्यादा दिन तक नहीं टिकते हैं। ऐसे रिश्तों की जल्दी ही कलई खुल जाती है। ऐसे में आपके रिश्ते तो खराब होते ही हैं साथ ही आपको अपमान का सामना भी करना पड़ सकता है। जो रिश्ते प्रेम और विश्वास की नींव पर बने होते हैं वही लम्बे चलते हैं।

विनम्रता बनाएं रखें

चाणक्य नीति के अनुसार जिस व्यक्ति की वाणी मधुर और व्यव्हार में विनम्रता रहती है, वह सबका प्रिय होता है। मधुर वाणी कठोर से कठेर हृदय को भी परिवर्तित करने की ताकत रखती है, इसलिए अपनी वाणी को हमेशा मधुर और व्यव्हार को सदैव विनम्र बनाकर रखना चाहिए।

अहम को न आने दे

अहंकार वो अवगुण है, जिसके कारण मजबूत से मजबूत संबंधो में भी दरार पड़ने में समय नहीं लगता है। इसी के चलते कई बार रिश्ते खराब होने लगते हैं। चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को कभी भी अहंकार को इतना बड़ा नहीं होने देना चाहिए कि यह आपके रिश्तों के आड़े आने लगे और उसे तबाह आकर दे।

बनाएं रखें रिश्तों की गरिमा

किसी भी रिश्ते की गरिमा तभी तक होती है, जब एक दूसरे के प्रति मान-सम्मान होता है। रिश्तों की गरिमा बनाएं रखना बहुत ज़रूरी होता है, इसलिए कभी भी क्रोध में आकर दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में उसके मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। जो व्यक्ति अहंकार को त्यागकर सभी का सम्मान करता है, ऐसे व्यक्ति को समय आने पर हर व्यक्ति का सहयोग प्राप्त होता है।





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